कॉलेज में एडमिशन हो या नौकरी, पर्सनल इंटरव्यू चयन प्रक्रिया का एक मुख्य हिस्सा होता है | लेकिन चिंताजनक बात ये है कि अधिकाँश छात्र अपने अकादमिक जीवन में इस महत्वपूर्ण चरण की तैयारी नहीं करते हैं और इसलिए जब इसका सामना होता है तो छात्र खुद को मुश्किल परिस्तिथि में पाते हैं |
पर्सनल इंटरव्यू एक ऐसी परीक्षा है जिसकी तैय्यारी सिर्फ किताबें पढ़ के नहीं की जा सकती है, इसमें सीखे हुए गुणों को अपने रोजमर्रा के आचरण और बात-व्यहवार में ढालना पड़ता है, तब जा कर कामयाबी मिलती है |
इस परीक्षा में एक छात्र का ना सिर्फ किताबी ज्ञान, बल्कि उसके व्यक्तित्व को बारीकि से परखा जाता है | साक्षात्कारकर्ता / पैनल इंटरव्यू के दौरान तरह तरह के सवालों (नीजी जीवन, अकादमिक, सामान्य ज्ञान, व्यवाहरिक) का बौछार करते है | इन सवालों के जवाबों के साथ साथ छात्र के आव-भाव पर साक्षात्कारकर्ता पैनी नजर रखते हैं ताकि उस छात्र के व्यक्तित्व का आंकलन कर सके | ये एक जटिल प्रक्रिया है लेकिन अनुभवी साक्षात्कारकर्ता इस काम को करने में सक्षम होते हैं, वो छात्र को नौकरी के दौरान ज़रुरी व्यवहार कुशलता एवं संस्था के माहौल में काम करने के लिए उपयुक्तता के मापदंडों पर परखते हैं |
चूँकि सरकारी नौकरियों के चयन प्रक्रिया में इंटरव्यू से पहले लिखित परीक्षा लिया जा चुका होता है और उसमे सफल अभियार्थियों को ही इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है, इन इंटरव्यू में ज्यादा महत्व छात्र के व्यक्तित्व आंकलन पर दिया जाता है |
छात्रों को इंटरव्यू देते वक़्त कुछ चीज़ों का ख़ास ख्याल रखना होता है है, जैसे :-
- भाषा एवं संवाद (Language & Communication Skills)
- भावभँगिमा / हाव भाव की भाषा (Body Language)
- शिष्टाचार (Etiquette)
- सवालों के उत्तर क्या और कैसे दें..
- जीवन से जुड़े नीजी सवालों के उत्तर (Personal Questions)
- अकादमिक सवालों के उत्तर (Academic Questions)
- नौकरी और संस्था से जुड़े सवालों के उत्तर (Job and Organization Questions)
- सामान्य ज्ञान के सवालों के उत्तर (General Awareness Questions)
